Anushthan & Nivaran
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जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु और केतु के बीच में बाकी सभी ग्रह आ जाते हैं, तो इसे कालसर्प दोष ......
मंगल भात पूजा, भगवान मंगलनाथ की पूजा के लिए की जाने वाली एक पूजा है. यह पूजा, मंगल दोष को .....
यदि लड़के अथवा लड़की की कुंडली में सप्तम भाव अथवा बारहवां भाव क्रूर ग्रहों से पीडि़त हो अथवा शुक्र...
हिंदू धर्मशास्त्रों के मुताबिक भगवान शिव का पूजन करने से सभी मनोकामनाएं शीघ्र ही पूर्ण होती हैं।..
महामृत्युंजय मंत्र का जाप क्यों किया जाता है? शास्त्रों और पुराणों में असाध्य रोगों से मुक्ति और अकाल मृत्यु....
ॐ ब्रह्मामुरारि त्रिपुरान्तकारी भानु: शशि भूमिसुतो बुध च। गुरु च शुक्र: शनि राहु केतव: सर्वेग्रहा: शान्ति करा: भवन्तु।।”
महर्षि नारद के अनुसार- अनेन विधिनां सम्यग्वास्तुपूजां करोति य:। आरोग्यं पुत्रलाभं च धनं धान्यं लभेन्नदर:॥
परेशानी वाली बात:- चंद्र-राहु या सूर्य-राहु की युति को ग्रहण योग कहते हैं। यदि बुध की युति राहु के साथ है..
पितृदोष और कालसर्प दोष का सबसे प्राचीन स्थान सिद्धवट घाट है यहीं पर पितरों को मुक्ति प्रदान होती है ..
भगवान बाल कृष्णा स्वरूप संतान प्राप्ति के लिए विशेष संतान गोपाल अनुष्ठान कर्म संपादित किया जाता है |
माँ बगलामुखी का हवन, जिसे बगलामुखी यज्ञ भी कहा जाता है, एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है जो शत्रुओं पर विजय, बाधाओं से मुक्ति और सुख-समृद्धि के ..
बृहस्पति और राहु जब साथ होते हैं या फिर एक दूसरे को किन्ही भी भावो में बैठ कर देखते हो, तो गुरू चाण्डाल..
स्वर्णाकर्षण भैरव काल भैरव का सात्त्विक रूप हैं, जिनकी पूजा धन प्राप्ति के लिए की जाती है, यह हमेशा पाताल में रहते
ऋण मुक्ति पूजा एक हिंदू धार्मिक प्रथा है जिसमें ऋण बंधन से मुक्ति प्राप्त करने के लिए पूजा की जाती है।
विषेश रूप से किया जाने वाला कर्म नवचंडी एवं शतचंडी अनुष्ठान के द्वारा कुल देवी की प्रसन्नता
यज्ञ देवी-देवता प्रतिष्ठा एक ऐसा अनुष्ठान है जिसके द्वारा किसी मूर्ति या प्रतिमा में देवी-देवता की शक्ति स्थापित की जाती है। ...
हिंदू धर्म में एक पवित्र ग्रंथ है जो भगवान कृष्ण की जीवन कथा और भक्ति के मार्ग का वर्णन करता है। इसे श्रीमद्भागवत पुराण या भागवत पुराण भी कहा जाता है।
दुर्गा पाठ, जिसे दुर्गा सप्तशती भी कहा जाता है, माता दुर्गा को समर्पित एक धार्मिक पाठ है। ...